प्रधानमंत्री ने कोविड-19 से सम्बंधित अंधविश्वास और दुष्प्रचार से निपटने में सामाजिक संगठनों से बड़ी भूमिका निभाने को कहा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सामाजिक संगठनों को अंधविश्वास और दुष्प्रचार से निपटने में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये समाज कल्याण के लिए कार्य कर रहे संगठनों के प्रतिनिधियों से यह बात कही। उन्होंने कोविड-19 महामारी के बारे में जागरूकता फैलाने की अपील की। श्री मोदी ने कहा कि आस्था के नाम पर लोग भीड़ के रूप में एकत्र होते देखे गये और सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियम का उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि संक्रमण के इस दौर में सामाजिक दूरी बनाये रखना बहुत आवश्यक है।
श्री मोदी ने कहा कि वायरस के संक्रमण की चुनौती से निपटने के लिए पूरे राष्ट्र ने अत्यधिक धैर्य और सहनशीलता दिखाई है।
महात्मा गांधी मानते थे कि राष्ट्र की सेवा के लिए गरीब और निम्न वर्ग के लोगों की सेवा करना ही राष्ट्र सेवा का श्रेष्ठ तरीका है। महात्मा गांधी के इन शब्दों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने मानवता की सेवा कर रहे सामाजिक संगठनों के समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन संगठनों की तीन विशेषताएं हैं - मानवीय दृष्टिकोण, व्यापक पहुंच और जनता से सम्पर्क तथा सेवा करने का नजरिया। उन्होंने कहा कि इन विशेषताओं के कारण सामाजिक संगठनों का भरोसा किया जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है, इसलिए अब इन संगठनों और उनके संसाधनों की पहले से कही अधिक आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि ऐसे संगठनों को गरीबों की बुनियादी जरूरते पूरी करने में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए। वे चिकित्सा सुविधाओं और अपने स्वयं सेवकों को रोगियों तथा जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर सकते हैं। श्री मोदी ने कहा कि कोविड-19 की चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्र को लघु अवधि उपायों और दीर्घावधि सोच की आवश्यकता है।
समाज कल्याण संगठनों के प्रतिनिधियों ने मौजूदा जटिल स्थिति से निपटने में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने सरकार के अति सक्रिय उपायों की भी प्रशंसा की, जो वायरस को फैलने से रोकने में प्रभावी रहे है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण संगठनों के स्वयं सेवक संकट के इस दौर में राष्ट्र की सेवा में पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यमों के जरिये जागरूकता अभियानों, आवश्यक वस्तुओं, खाद्य सामग्री, सेनिटाइजर, दवाओं और अन्य चिकित्सा सहायता के माध्यम से कोविड-19 की चुनौती से निपटने के बारे में भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि कोविड-19 से निपटने के लिए जागरूकता फैलाना, बुनियादी जरूरते पूरी करने के जरिए गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता, चिकित्सा सुविधाओं का प्रावधान और सेवा के लिए स्वयं सेवकों का समर्पण बहुत आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने चिकित्सा और वैज्ञानिक सलाह देने तथा दुष्प्रचार से निपटने के महत्व पर बल दिया। श्री मोदी ने इस महामारी की चुनौती का सामना करने के लिए एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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